कि जान भी उसके नाम कर दूं,
वो मेरे नाम को जान कहे तो जरा।
जहां को छोड़ खों जाऊ उसमें,
वो जहां में अपने जगह़ दें तो जरा।
और उनके इश्क़ में बर्बाद कर खुदको,
मजनू क्या कबीर भी बन जाउंगा,
वो प्रिती बन मोहब्बत कभी करें तो जरा।
अब बिछड़ना हैं दस्तूर-ऐ-इश्क़ तो,
वो बिछड़कर भी मोहब्बत करें तो जरा।
@Roy

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