Monday, 22 June 2020

Insomniac_Quote 02:30am


नफ़रत है मुझे इन रातों से,
क्यों हर रोज़ चली आती हैं।
लेकर तेरे यादों का सहारा,
क्यों हर रोज हमें रुलाती हैं।


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