Monday, 22 June 2020

Insomniac Quote 03:52am

कि कुछ तो बात थी तेरे उस झुठ में,
 वरना हम ना रोते आज आधी रात में,
और कोशिशें तों कुछ रोज से जारी हैं,
भुलाकर तुझे इक नई शुरुआत की,
पर तूं याद फिर भी आ जाती हैं,
हरबार एक नए बहाने से।




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