जो जिंदा हूं तो पूछता नहीं कोई,ठहर गई नब्ज़ तो खुदा बन जाऊंगा मैं।लाख हो गिला शिकवा हमसे,मेरी मौत से फरिश्ता बन जाऊंगा मैं।और कुछ लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं यहां,कि जरा ठहरो ख़ुशी मिलेगी उनको भी,जब इन आंखों को बंद कर लुंगा मैं।छोड़कर जब जहां की माया,खुद-ही को खो दुंगा मैं।हां कुछ अज़ीज़ थे बने रिस्ते यहां,बेशक है वो बेनाम अब भी,पर तेरी बदनामी से अच्छा,तुझे बेनाम ही छोड़ जाऊंगा मैं।और लाख कोशिशें कर ले कोई,पर इल्ज़ाम मेरे कत्ल का तुझे ना दूंगा मैं।एक उम्र जो रोकर गुज़ारा हैं,बजह कुछ और बताऊंगा मैं।ना तेरे इश्क़ में मसहूर किया था तुझे,ना तेरे बेवफ़ाई से तुझे बदनाम करूंगा मैं।इश्क़ करना तुझे गलती थी मेरे तो,सज़ा-ऐ-मौत भी सह लुंगा मैं।और हंसते हंसते मुझे खो देंगे सबकुछ यूं ख़ामोशी से अलविदा कह जाऊंगा मैं।खबर मेरा जिनसे पूछा जाता था कभी,खबर मेरे मौत का उन्हें बताएंगे ग़ैर सभी,और तुम आकर सारे राज़ दफ़ना देना साथ मेरे,बहुत हैं राज़ दिल में मेरे जिन्हें साथ ले जाऊंगा मैं।जो ना हुआ तेरा तो ना ही सही पर,किसी जनम में फिर से कोशिश करूंगा मैं।और उन कुछ पलभर की खुशी के लिए,जैसे हुए बर्बाद यहां,फिर से बर्बाद खुद को कर लुंगा मैं।दो पल के तेरे तेरे साथ को,जिन्दगी भर का गम सह लुंगा मैं।और दर्द हो जाएं जो नासूर कभी तो,इकबार फिर खुद को ही मिटा लुंगा मैं।ना हो सका मैं तेरे काबिल तो क्या,उम्रभर मुंतजिर बना रहुंगा मैं।तूं रहें ना रहें साथ मेरे तो क्या,क़यामत तक तेरे साथ रहुंगा मैं।अलविदा!@Roy
Saturday, 25 July 2020
अलविदा 🥺
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Osm brp
ReplyDeleteOsm bro
ReplyDeleteThanks Bhai
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